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आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराया तो फंटूश राम को मिली नई जिंदगी
-दिल्ली के एम्स अस्पताल में दिल का ऑपरेशन हुआ, डेढ़ लाख तक का कराया इलाज
-आर्थिक तौर पर नहीं थे सक्षम, बेटा करता है मजदूरी, उसी के पैसे से चलता है घर
बांका, 07 अक्टूबर-
शंभूगंज प्रखंड के रुतपय गांव के रहने वाले फंटूश राम एक साल पहले गंभीर तौर पर बीमार पड़ गए थे। दिल की बीमारी थी। ऑपरेशन कराना पड़ता और इसमें डेढ़ लाख रुपये खर्च आता। आर्थिक तौर पर इलाज कराने में सक्षम नहीं थे। दो बेटे हैं। दोनों मजदूरी करते हैं तो किसी तरह घर चलता है। ऐसे में दिल का ऑपरेशन कराना तो बहुत ही मुश्किल था। फंटूश राम कहते हैं कि परिवार के लोग चिंतित रहने लगे थे। डेढ़ लाख रुपये खर्च आने की बात हो रही थी। आखिर हम गरीब लोग कहां से पैसे लाते। दो वक्त पेट भर जाता है, यही बहुत है।
फंटूश कहते हैं कि ऐसे में आयुष्मान योजना के बारे में पता चला। मैं बांका सदर अस्पताल गया। वहां पर आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक पवन कुमार जी से मिला। उन्होंने बताया कि आपका आयुष्मान कार्ड बन जाएगा और इलाज के लिए पैसे भी नहीं लगेंगे। इसके बाद पवन जी के सहयोग से मेरा आयुष्मान कार्ड बना और इलाज के लिए मैं दिल्ली गया। वहां पर एम्स अस्पताल में मेरा ऑपरेशन हुआ। डेढ़ लाख रुपये का इलाज मेरा आयुष्मान कार्ड के तहत हुआ। अब मैं स्वस्थ हूं। मुझे किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। इसके साथ-साथ मैंने अपने घर के सभी सदस्यों का भी आयुष्मान कार्ड बनवा लिया है। साथ ही अन्य लोगों को भी कार्ड बनवाने के लिए कहता हूं। मुझ जैसे गरीब आदमी कहां से इतना महंगा इलाज करवा पाता। सरकार को मैं धन्यवाद देना चाहता हूं कि आयुष्मान योजना बनाया, जिसका लाभ गरीब लोगों को मिल रहा है।
नामी-गिरामी अस्पतालों में होता है इलाजः आयुष्मान योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक पवन कुमार कहते हैं कि आयुष्मान कार्ड के जरिये जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में तो मरीजों का इलाज होता ही है। साथ ही भागलपुर के 15 निजी और मायागंज अस्पताल में भी इस कार्ड से मरीजों का इलाज होता है। इसके अलावा देश के सैकड़ों नामी-गिरामी अस्पतालों में भी आय़ुष्मान कार्डधारकों का इलाज किया जाता है। इसलिए जिनलोगों का अभी कार्ड नहीं बना है, वे अपने नजदीकी सीएचसी में जाकर कार्ड बनवा लें। विपरीत परिस्थिति में यह काम आ सकता है।
पांच लाख रुपये तक का मिलता है मुफ्त इलाजः आयुष्मान योजना के तहत कार्डधारक पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का लाभ किसी भी उम्र के लोग ले सकते हैं। इस योजना का लाभ अभी जिले के हजारों लोग ले रहे हैं। जिनलोगों के पास पीएम लेटर आया है, उनका बहुत ही आसानी से कार्ड बन जा रहा है। साथ ही जिनलोगों को पीएम लेटर नहीं भी आया है, और वे योजना के योग्य हैं तो उनका भी कार्ड बनने में कोई परेशानी नहीं होगी। इसके लिए आपके पास 2014 के पहले का राशन कार्ड होना जरूरी है। साथ में अपना आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) में जाएं। वहां पर अपना राशन कार्ड दिखाएं। अगर आप इस योजना के योग्य होंगे तो तत्काल आपका आयुष्मान कार्ड बन जाएगा। जिसके बाद आप गंभीर तौर पर बीमार पड़ने पर पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकते हैं। कार्ड बन जाने के बाद बीमार होने पर इस योजना से सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होने की स्थिति में आयुष्मान कार्ड दिखाएं और मुफ्त में इलाज करवाएं।

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Aishwarya Sinha