विश्व मलेरिया दिवस • जिले के सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभात फेरी निकालकर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए किया गया जागरूक 

 
 
- जिले के विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को किया जा रहा है जागरूक
- मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी देकर लोगों किया जाएगा जागरूक
 
जमुई , 20- अप्रैल-
 
विश्व मलेरिया दिवस आगामी 25 अप्रैल को है पर इसके हेतु जन जागरूकता के लिए जिले भर में विभिन्न विद्यालयों में बच्चों के द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है । इस अवसर पर जिले के सदर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  से  प्रभात फेरी निकाली गई। जिसके माध्यम से लोगों को मलेरिया उन्मूलन के लिए जागरूक किया गया। इस दौरान जन-जन का यही नारा है, मलेरिया मुक्त जिला हो हमारा, दूर होगी मलेरिया की बीमारी, जब हम सबकी होगी भागीदारी, मलेरिया से अपने परिवार को बचाओ, मच्छरदानी अपनाओ आदि स्लोगन और नारे के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही उक्त कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मलेरिया से बचाव सहित इसके कारण, लक्षण एवं उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई और सामुदायिक स्तर पर लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
- जिले के सभी स्वास्थ्य स्थानों में मलेरिया मुक्त समाज निर्माण का लिया गया शपथ:
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ धुसिया ने बताया,आगमी 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सोमवार को शपथ समारोह का आयोजन किया जाएगा साथ ही विभिन्न विद्यालयों में बच्चों  में बच्चों के द्वारा प्रभात -फेरी भी निकाली जाएगी । सभी स्वास्थ्य संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों द्वारा मलेरिया मुक्त समाज निर्माण के लिए शपथ दिलायी जाएगी और इस बीमारी से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक करने, जरूरी जानकारी देने समेत अन्य जरूरी निर्णय भी लिये जायेगें ।
- किसी आयु वर्ग के लोग मलेरिया से हो सकते हैं पीड़ित:
वेक्टर जनित नियंत्रण पदाधिकारी प्रमोद कुमार मंडल  ने बताया, मलेरिया प्लाजमोडियम नामक परजीवी से संक्रमित मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से होता है। मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो किसी भी आयु वर्ग के लोगों को हो सकता है। इसमें कपकपी के साथ 103 से लेकर 105 डिग्री तक बुखार होता है। कुछ घंटों के बाद पसीने के साथ बुखार उतर जाता है, लेकिन बुखार आते-जाते रहता है। फेलसीपेरम मलेरिया (दिमारी मलेरिया) की अवस्था में तेज बुखार होता है। खून की कमी हो जाती है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। फेफड़े में सूजन हो जाती है। पीलिया एवं गुर्दे की खराबी फेलसीपेरम मलेरिया की मुख्य पहचान है।
- मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी का करें प्रयोग:
मलेरिया से बचाव के लिए पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े का अधिक उपयोग करें। सोने के दौरान निश्चित रूप से मच्छरदानी लगाएं। इस बात का सोने के दौरान ख्याल रखें। इसके अलावा घर के आसपास जलजमाव वाली जगहों को मिट्टी से भर दें एवं किसी भी कीमत पर जलजमाव नहीं होने दें। जलजमाव वाले स्थान पर केरोसिन तेल या डीजल डालें। घर के आसपस बहने वाली नाले की साफ-सफाई करते रहें।

रिपोर्टर

  • Aishwarya Sinha
    Aishwarya Sinha

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