राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में उल्लेखनीय योगदान के लिए खगड़िया जिला सम्मानित 

 
 
-  पटना में आयोजित कार्यक्रम में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी और वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी को मोमेंटो देकर किया गया सम्मानित 
- जिला के चार प्रखंडों में 10 फरवरी से 03 मार्च तक चले एमडीए कार्यक्रम में जिलाभर के 89% लोगों को खिलाई गई फाइलेरिया की दवा 
 
खगड़िया-
राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में उल्लेखनीय योगदान के लिए खगड़िया जिला को  मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। मंगलवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम में जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार और वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी मो. शहनवाज आलम को स्वास्थ्य सचिव सह कार्यपालक निदेशक राज्य स्वास्थ्य समिति संजय कुमार सिंह, फाइलेरिया के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ परमेश्वर प्रसाद सहित स्वास्थ्य  विभाग के बड़े अधिकारियों ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, वेक्टर रोग नियंत्रण कार्यक्रम डॉ अशोक कुमार, फाइलेरिया के राज्य सलाहकार डॉ अनुज सिंह रावत सहित सभी डेवलपमेंट पार्टनर के प्रतिनिधि उपस्थित थे। 
 
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि सरकार के द्वारा चलाए जा रहे राष्टीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के दो भाग हैं - 
1. मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) : इसमें फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में एक बार सभी लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की  दवा खिलाई जाती है। इस दौरान सिर्फ दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को दवा नहीं खिलाई जाती है। 
2. मोर्बीडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) : इसमें फाइलेरिया के रोगियों को एमएमडीपी क्लिनिक और एमएमडीपी किट के माध्यम से पर्सनल हाइजीन, स्किन एंड वुंड केयर, एक्सरसाइज एलिवेशन और सूटेबल शूज पहनने के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है ताकि फाइलेरिया के रोगियों को काफी हद तक अपनी परेशानियों से छुटकारा मिल सके। 
 
जिला के चार प्रखंडों में 10 फरवरी से 03 मार्च तक चले एमडीए कार्यक्रम में जिला भर के 89% लोगों को खिलाई गई फाइलेरिया की  दवा : 
खगड़िया के वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी मो. शहनवाज आलम ने बताया कि जिला के चार प्रखंडों खगड़िया सदर, चौथम, गोगरी और परबत्ता में विगत 10 फरवरी से 03 मार्च तक चले सर्वजन दवा सेवन (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) एमडीए अभियान के दौरान जिला भर में 89% लोगों को फाइलेरिया की  दवा खिलाई गई। उन्होंने बताया कि जिला की  कुल जनसंख्या 15,20,945  में से जिला के चार प्रखंडों में रहने वाले कुल 13,50,945 को फाइलेरिया की  दवा के रूप में अल्बेंडाजोल और डीईसी की  टेबलेट्स खिलाई गई। 
 
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार बब्लू साहनी ने बताया कि जिला के विभिन्न प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मोर्बीडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) क्लिनिक संचालित है। जहां निश्चित दिन विशेषज्ञ चिकित्सक फाइलेरिया के रोगियों को साफ- सफाई, नियमित देखभाल और एक्सरसाइज के बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं। 
उन्होंने बताया कि जिला के 882 फाइलेरिया के रोगियों के बीच एमएमडीपी किट वितरण किया गया है। 
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला के तीन प्रखंड सदर प्रखंड खगड़िया, गोगरी और परबत्ता में फाइलेरिया  रोगियों की  सुविधा के लिए पेशेंट  सपोर्ट ग्रुप कार्यरत है। यह ग्रुप फाइलेरिया के रोगियों की  पहचान कर उन्हें पीएचसी/सीएचसी तक लाते हैं।  उन्हें एमएमडीपी क्लिनिक में उपस्थित चिकित्सक से परामर्श दिलाते और उन्हें एमएमडीपी किट भी दिलाने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह ग्रुप आम लोगों को फाइलेरिया से बचने और फाइलेरिया के रोगियों को बेहतर देखभाल, साफ - सफाई और नियमित व्यायाम के लिए जागरूक करते हैं।

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
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