चिली के साथ व्यापारिक समझौते से भारत को लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में पहुंच - परिजात सिन्हा, महासचिव, इंटिएक्सलैंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री


नईदिल्ली-

इंटिएक्सलैंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव परिजात सिन्हा ने चिली के साथ भारत के व्यापारिक समझौते पर बातचीत को व्यापारिक दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इससे लैटिन अमेरिका में भारत की पहुंच तेजी से बढ़ेगी।

इंटिएक्सलैंट चैबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव परिजात सिन्हा ने कहा कि भारत और चिली ने परस्पर आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए पर बातचीत की योजना बनाई है जो मील का पत्थर साबित होगी। चिली के साथ एफटीए समझौते से लैटिन अमेरिका में भारत की पहुंच बहुत तेजी से बढ़ेगी।

परिजात सिन्हा ने कहा कि अभी देश के करीब दो हजार उत्पाद चिली जाते हैं। एफटीए से और कई उत्पाद जुड़ जाएंगे। वहीं लैटिन अमेरिका में भारतीय व्यापार का विस्तार होगा। फिलहाल दोनों देशों के बीच सीमित व्यापार समझौता है जो साल 2007 में शुरु हुआ था और साल 2016 में इसका विस्तार किया गया था।

इंटिएक्सलैंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव ने कहा कि 2022-23 के दौरान लैटिन अमेरिकी देशों में चिली भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात बाजार था। साल 2022-23 के दौरान चिली के साथ भारत का दिव्पक्षीय व्यापार 2.6 अरब डॉलर का था। जो समझौते से अब तेजी से विस्तार होगा।

गौरतलब है कि देश में आम चुनाव के बाद दोनों देशों के बीच वार्ता होगी। जिसमें कई और उत्पाद में छूट भी मिलेगी। जिससे भारत का लैटिन अमेरिका में एक बड़ा बाजार मिलेगा। भारत का निर्यात तेजी से बढ़ेगा। वहीं कई ऐसे उत्पाद जिसमें उर्वरक, आयोडिनस लीथियम कार्बोनेट जैसे उत्पाद भारत को मिलेगा। 

रिपोर्टर

  • Dr. Rajesh Kumar
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