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सही पोषण,रोगों से बचाव करने में सहायक, मौसमी बीमारियों से रहें सतर्क
• साफ़-सफाई का रखें विशेष ख्याल
• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को करें आहार में शामिल
लखीसराय-
लगातार बदल रहे मौसम के कारण मौसमी बीमारियों की भी संभावना बढ़ गई है। इससे बचने के उपायों पर हम सभी को ध्यान देने की जरूरत है। . इस दौरान किशोर व युवा को भी अपने पोषण का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। सही पोषण रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होती है, जो मौसमी बीमारियाँ से हमें सुरक्षा प्रदान करती है। . साथ ही संतुलित दिनचर्या भी मौसमी रोगों से बचाव में प्रभावी होती है। .
पौष्टिक आहार का करें सेवन:
जिला के सिविल सर्जन डॉ देवेन्द्र कुमार चौधरी ने बताया बदलते मौसम में कई तरह की मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। जिसमें एलर्जी, सर्दी-खाँसी एवं बुखार सहित कई मच्छर जनित रोग भी शामिल हैं । इसलिए इससे बचाव के लिए हरी सब्जी, दाल, साग एवं अन्य पौष्टिक आहार का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। बच्चों के सही पोषण का उनके माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को विशेष ख्याल रखना चाहिए और ससमय उन्हें तजा और पौष्टिक खाना खिलाना चाहिए। . साथ ही मच्छरजनित रोग जैसे डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया से बचाव के लिए घर में मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के अंदर पानी जमा नहीं होने दें। . घर के आस-पास भी साफ़-सफाई पर ध्यान दें ताकि मच्छरों के पनपने से रोका जा सके। .
विटामिन एवं प्रोटीन का भी रखें ख्याल:
मौसमी बीमारी से बचाव के लिए हर दिन समय पर खाना खाएं और पर्याप्त मात्रा में उचित व शुद्ध पानी का सेवन करें। हरी सब्जियों के साथ मौसमी फ़ल के सेवन से शरीर में विटामिन की जरूरत पूरी होती है। . साथ ही दाल, सोयाबीन एवं मूंगफली के सेवन से शरीर में प्रोटीन की मात्रा भी संतुलित होती है। . इससे रोगों से लड़ने में सहायता मिलती है। .
डायरिया से बच्चों को बचाएं:
बरसात के मौसम में डायरिया का भी खतरा बढ़ जाता है। .विशेषकर बच्चों में डायरिया खतरनाक भी साबित हो सकता है। . इसके लिए घर में शुद्ध पान का सेवन करें। . नवजात बच्चों को 6 माह तक केवल स्तनपान करायें। . बाहर से पानी भी नहीं दें, नहीं तो बच्चे में संक्रमण फ़ैल सकता है। . नियमित स्तनपान नवजात शिशुओं को डायरिया से बचाव करता है। . घर में ओआरएस का पैकेट रखें एवं डायरिया होने पर बच्चे को दिन में कई बार ओआरएस का घोल पिलायें। .
इन चीजों से करें परहेज :
• -तली हुई वस्तुओं व देर तक रखे भोजन से परहेज करना चाहिए।
• -बाजार में बिकने वाले कटे फलों, दूषित आइसक्रीम व चाट से दूरी बनाए रखें।
• -संक्रमण वाली जगहों या जहां पर पर साफ -सफाई नहीं हो तो वहाँ खाना खाने से बचना चाहिए।
• -घर के आसपास गंदगी जमा नहीं होने दें।
• -संक्रमण वाले स्थानों से दूर रहें।
• -बासी खाना तथा गंदा पानी न पीएं।
• -खुले में बेचे जाने वाले व असुरक्षित तरीके से परोसे भोजन लेने में सावधानी बरतनी चाहिए।

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar