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एनीमिया मुक्त भारत अभियान • सामुदायिक स्तर पर किया जा रहा है जागरूक
- पहल • एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार की दी जा रही है जानकारी
- एनीमिया से बचाव के लिए सतर्कता के साथ नियमित तौर पर हीमोग्लोबिन जाँच जरूरी
लखीसराय, 01 नवंबर। एनीमिया मुक्त भारत अभियान को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। इसे सुनिश्चित करने को लेकर विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इस अभियान को सार्थक रूप देने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह कटिबद्ध और संकल्पित है। एनीमिया मुक्त समाज निर्माण को लेकर जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन और सामुदायिक स्तर पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिसके तहत एनीमिया से बचाव की आवश्यक और जरूरी सलाह और जानकारी दी जा रही है। जिसमें एनीमिया के कारण, लक्षण एवं इससे बचाव और उपचार की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त खाना का सेवन करना सबसे बेहतर और कारगर उपाय है। क्योंकि, यह बीमारी खून की कमी से होती है। इसलिए, इससे बचाव के लिए आयरन और प्रोटीन युक्त खाना का सेवन करना जरूरी है। दरअसल, शरीर में पर्याप्त आयरन रहने से इस बीमारी की संभावना ना के बराबर रहती है। इसलिए, खान-पान एवं रहन-सहन का विशेष ख्याल रखें और सकारात्मक बदलाव ही बीमारी से बचाव का बड़ा उपचार है। यह बीमारी खून में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन कम होने से होती है। इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराएं और चिकित्सा परामर्श का पालन करें। अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी परेशानी का कारण हो सकती है। इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे में समय पर जाँच के लिए अस्पताल जाने एवं चिकित्सकों की सलाह का पालन करना चाहिए। जो आगे की परेशानी उत्पन्न नहीं होने देगी एवं आपके लिए फायदेमंद साबित होगा तथा आसानी के साथ आपको बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।
- जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में किया जा रहा है जागरूक :
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार भारती ने बताया, जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एनीमिया से बचाव के लिए सामुदायिक स्तर पर महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक किया जा रहा है। खासकर गर्भवती महिलाओं को विशेष तौर पर जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक बुधवार और शनिवार को स्कूलों में किशोर-किशोरियों के बीच आयरण फोलिक एसिड टेबलेट खिलाया जाता है एवं किशोरियों को पहली बार मासिक धर्म होने पर क्या करना चाहिए, मासिक धर्म के दौरान किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए, व्यक्तिगत साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक जानकारी दी जा रही है। साथ ही मासिक धर्म के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर, तुरंत चिकित्सकों से जाँच कराने और जाँच के पश्चात आवश्यक चिकित्सा परामर्श का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भी गृह भ्रमण लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- प्रोटीनयुक्त खाने के सेवन की दी जा रही है जानकारी :
एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीनयुक्त भोजन की भी जानकारी दी जा रही है। जिसमें बताया जा रहा है कि एनीमिया से बचाव के लिए प्रोटीन युक्त खाने का सेवन करें। जैसे कि पालक, सोयाबीन, चुकंदर, लाल मांस, मूँगफली ,मक्खन, अंडे, टमाटर, अनार, शहद, सेब, खजूर आदि प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें, जो कि आपके शरीर की कमी को पूरा करता एवं हीमोग्लोबिन जैसी कमी भी दूर होती है। इससे आपको एनीमिया बीमारी से बचाव मिल सकता है।
- ये हैं एनीमिया के प्रारंभिक लक्षण :
एनीमिया बीमारी का शुरुआती लक्षण थकान, कमजोरी, त्वचा का पीला होना, दिल की धड़कन में बदलाव, साँस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, सीने में दर्द, हाथों और पैरों का ठंडा होना, सिरदर्द आदि होना है। ऐसा लक्षण होते ही ससमय इलाज कराएं।
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The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar