- World Wide
- International
- National
- State
- Union Territory
- Capital
- Social
- Political
- Legal
- Finance
- Education
- Medical
- Science & Tech.
- Information & Tech.
- Agriculture
- Industry
- Corporate
- Business
- Career
- Govt. Policy & Programme
- Health
- Sports
- Festival & Astrology
- Crime
- Men
- Women
- Outfit
- Jewellery
- Cosmetics
- Make-Up
- Romance
- Arts & Culture
- Glamour
- Film
- Fashion
- Review
- Satire
- Award
- Recipe
- Food Court
- Wild Life
- Advice
बांका नगर परिषद के चेयरमैन बनेंगे निक्षय मित्र, टीबी मरीजों को लेंगे गोद
-जिला यक्ष्मा पदाधिकारी के साथ बैठक के बाद चेयरमैन ने भरी हामी
-निक्षय मित्र बन आप भी जिले के टीबी मरीजों की कर सकते हैं मदद
बांका, 30 नवंबर। टीबी उन्मूलन को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि इसे लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने से लेकर टीबी मरीजों को ढूंढ़ने का काम जोर-शोर से किया जा रहा है। इसे लेकर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. उमेश नंदन प्रसाद सिन्हा ने पिछले दिनों बांका नगर परिषद के चेयरमैन संतोष सिंह के साथ एक बैठक की थी। इस दौरान डॉ. सिन्हा ने उनसे टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में समाज के सक्षम व्यक्ति को निक्षय मित्र बनाकर इस अभियान में योगदान करने की अपील की थी। अच्छी बात यह है कि चेयरमैन निक्षय मित्र बनने के लिए तैयार हो गए हैं। जल्द ही वह टीबी मरीजों को गोद लेने वाले हैं। निक्षय मित्र बनकर आप भी टीबी मरीजों की मदद कर सकते हैं।
निक्षय मित्र योजना समाज के कल्याण और उत्थान के लिएः डॉ. सिन्हा ने बताया कि टीबी उन्मूलन में जनभागीदारी की यह योजना प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अपने समाज के कल्याण और उत्थान के लिए है। हम सभी निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीज की मदद करें। उनकी सहायता करें और अपने भारत को टीबी मुक्त बनाने के इस अभियान में हम-आप भी भागीदार बनें। निक्षय मित्र के जरिये टीबी मरीजों को पोषण उपलब्ध करवाने और निक्षय मित्र योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी। सभी कर्मियों को आदेश दिया गया है कि टीबी मरीजों का पता लगते ही उन्हें सूचित करें। गौरतलब है कि टीबी उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार काम किया जा रहा है। टीबी के खिलाफ विभाग ने डोर टू डोर अभियान भी शुरू किया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया जाता और लक्षण वाले टीबी मरीज की टेस्ट करवाई जाती है। पुष्टि होने पर उसका उपचार शुरू करवा दिया जाता है।
सरकारी अस्पतालों में टीबी मरीजों का मुफ्त में होता है इलाजः डॉ. सिन्हा ने बताया कि सरकारी अस्पताल में टीबी मरीजों की जांच से लेकर इलाज तक मुफ्त होता है। मरीजों को दवा भी मुफ्त में दी जाती है। इतना ही नहीं, मरीजों का जब तक इलाज चलता है, तब तक उसे पौष्टिक आहार के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह की राशि भी दी जाती है। इसलिए लोगों से मेरी अपील है कि अगर लगातार दो हफ्ते तक खांसी हो, बलगम के साथ खून आए, शाम के वक्त पसीना आए और लगातार बुखार रहे तो सरकारी अस्पताल जाकर अपनी जांच करवाएं। जांच में अगर टीबी की पुष्टि होती है तो आपका तत्काल इलाज शुरू किया जाएगा। जल्द इलाज शुरू होने से आप जल्द ठीक भी हो जाएंगे।
संबंधित पोस्ट
Follow Us On
Subscibe Latest News
SUBSCRIBE US TO GET NEWS IN MAILBOX
लाइव क्रिकेट स्कोर
शेअर मार्केट
Ticker Tape by TradingView
Stock Market by TradingView

रिपोर्टर
The Reporter specializes in covering a news beat, produces daily news for Aaple Rajya News
Dr. Rajesh Kumar